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कोई खुले में शौचक्रिया न करे यदि यह मकसद हो तो विकल्प कुछ भी हो सकता है ।

Posted at December 18, 2018 » By : » Categories : Blog » 0 Comment

कोई खुले में शौचक्रिया न करे यदि यह मकसद हो तो विकल्प कुछ भी हो सकता है ।इज्जत ढकने के लिए पर्दा और स्वास्थ्य बनाये रखने के लिए मलमूत्र खुले वातावरण में न फैले आवश्यक है ।आज से चार पाँच महीने पहिले आदरणीय प्रियंक मिश्रा (आईएएस) एडीएम सर हमारी संस्था शारदा डेवलपमेंट ऐंड एन्वायरनमेंट कोओर्डिनेशन कमेटी में अपनी विजिट के दौरान पैकिंग की लकड़ी से शौचालय और पुराने ऑयल ड्रम से पिट का निर्माण करने का सुझाव दिया और संस्था ने इसे तैयार कर आसानी से कम लागत में कैसे भी कहीं भी शौचालय स्थापित करने का विकल्प दे दिया ।नगर निगम सिंगरौली शहर में स्वच्छता कायम करने के लिए ऐसे शौचालयों और युरिनल को भीड़-भाड़ वाली जगहों में स्थापित कर रही है ।

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